Panchang Today 9 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को हिंदू पंचांग के अनुसार कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि रहेगी। यह दिन पितृ पक्ष के अंतिम चरण में आता है और धार्मिक दृष्टि से चतुर्दशी तिथि का अपना विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र, ब्रह्म योग और विष्टि करण रहेगा। तिथि और नक्षत्र रात के समय आगे बदलेंगे, इसलिए किसी विशेष धार्मिक कार्य के लिए स्थानीय समय को ध्यान में रखना जरूरी है।
आज का पंचांग देखने वालों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सूर्योदय, सूर्यास्त, राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त हर शहर में एक जैसे नहीं होते। इसलिए इस लेख में Delhi, Mumbai, Bengaluru, Hyderabad, Ahmedabad, Chennai, Kolkata, Pune, Jaipur और Mathura-Vrindavan के लिए अलग-अलग समय दिए गए हैं।
महत्वपूर्ण: इस ब्लॉग में दी गई पंचांग जानकारी गौतीर्थ तुलसी तपोवन गौशाला के संस्थापक, पुराण मनीषी पूज्य श्री कौशिक जी महाराज जी के अनुसार प्रस्तुत की गई है। अलग-अलग परंपराओं, पंचांगों और स्थान के अनुसार विधि एवं मुहूर्त में थोड़ा अंतर हो सकता है।
| पंचांग विवरण | जानकारी |
| दिन | शुक्रवार |
| तारीख | 9 अक्टूबर 2026 |
| तिथि | कृष्ण पक्ष चतुर्दशी |
| तिथि समाप्त | लगभग रात 9:36 बजे |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| नक्षत्र | उत्तराफाल्गुनी |
| नक्षत्र समाप्त | लगभग रात 9:19 बजे |
| योग | ब्रह्म |
| योग समाप्त | लगभग रात 11:20 बजे |
| करण | विष्टि |
| विष्टि करण समाप्त | लगभग सुबह 9:53 बजे |
| अगला करण | शकुनि |
| चंद्र राशि | कन्या |
| सूर्य राशि | कन्या |
| मास | भाद्रपद / आश्विन, परंपरा के अनुसार |
अलग-अलग पंचांग प्रणालियों में मास के नाम में अंतर दिखाई दे सकता है। इसका कारण अमांत और पूर्णिमांत मास की गणना पद्धति है। इसलिए किसी धार्मिक आयोजन की तिथि तय करते समय परिवार या क्षेत्र में मान्य पंचांग को प्राथमिकता देना उचित है।
9 अक्टूबर को कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। हिंदू परंपरा में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को धार्मिक साधना, शिव आराधना और पितरों से जुड़े कर्मों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जाता है।
यह दिन चतुर्दशी श्राद्ध से भी संबंधित है। जिन परिवारों में पितृ पक्ष के दौरान चतुर्दशी तिथि के अनुसार श्राद्ध किया जाता है, वे अपने स्थानीय पंचांग और पारिवारिक परंपरा के अनुसार समय निर्धारित कर सकते हैं।
पंचांग में तिथि केवल कैलेंडर की तारीख नहीं होती। सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के आधार पर इसकी गणना होती है, इसलिए धार्मिक कार्यों में तिथि के समाप्त होने का समय महत्वपूर्ण हो सकता है।
आज उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र रहेगा और लगभग रात 9:19 बजे के बाद नक्षत्र परिवर्तन होगा।
उत्तराफाल्गुनी को स्थिर प्रकृति से जुड़ा नक्षत्र माना जाता है। हालांकि किसी विशेष शुभ कार्य के लिए केवल नक्षत्र देखना पर्याप्त नहीं होता। तिथि, वार, योग, करण और उस कार्य की प्रकृति को भी साथ में देखा जाता है।
आज ब्रह्म योग रहेगा, जबकि दिन के शुरुआती हिस्से में विष्टि करण रहेगा। विष्टि करण को सामान्यतः भद्रा के नाम से भी जाना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं में विष्टि करण के दौरान कई शुभ कार्यों को शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है। इसलिए यदि आज कोई महत्वपूर्ण संस्कार, पूजा या शुभ कार्य करना हो तो स्थानीय पंचांग में दिए गए मुहूर्त को देखकर ही निर्णय लेना बेहतर है।
एक ही तारीख होने के बावजूद भारत के अलग-अलग शहरों में सूर्योदय और सूर्यास्त का समय अलग होता है। इसी वजह से राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त, गुलिक काल और यमगंड जैसे समय भी शहर के अनुसार बदलते हैं।
नीचे दिए गए समय IST के अनुसार हैं।
दिल्ली में 9 अक्टूबर को कृष्ण पक्ष चतुर्दशी और उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र रहेगा। दिल्ली का सूर्योदय लगभग 6:18 AM और सूर्यास्त लगभग 5:58 PM रहेगा। शुक्रवार होने के कारण राहुकाल दिन के मध्य भाग में रहेगा।
| विवरण | समय / जानकारी |
| वार | शुक्रवार |
| तिथि | कृष्ण पक्ष चतुर्दशी |
| नक्षत्र | उत्तराफाल्गुनी |
| योग | ब्रह्म |
| करण | विष्टि |
| सूर्योदय | 6:18 AM |
| सूर्यास्त | 5:58 PM के आसपास |
| राहुकाल | 10:40 AM – 12:08 PM |
| अभिजीत मुहूर्त | लगभग 11:44 AM – 12:31 PM |
| चंद्र राशि | कन्या |
दिल्ली में किसी नए या महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत करते समय पारंपरिक मान्यता के अनुसार राहुकाल से बचने की सलाह दी जाती है।
मुंबई में सूर्योदय दिल्ली की तुलना में कुछ देर से होगा। यहां 9 अक्टूबर को भी कृष्ण पक्ष चतुर्दशी, उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र और ब्रह्म योग रहेगा।
| विवरण | समय / जानकारी |
| वार | शुक्रवार |
| तिथि | कृष्ण पक्ष चतुर्दशी |
| नक्षत्र | उत्तराफाल्गुनी |
| योग | ब्रह्म |
| करण | विष्टि |
| सूर्योदय | 6:30 AM |
| सूर्यास्त | 6:20 PM |
| राहुकाल | 10:56 AM – 12:25 PM |
| अभिजीत मुहूर्त | लगभग 11:57 AM – 12:44 PM |
| चंद्र राशि | कन्या |
मुंबई के स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त के कारण यहां राहुकाल दिल्ली से अलग समय पर आता है।
बेंगलुरु में 9 अक्टूबर को सूर्योदय लगभग 6:09 बजे होगा। दिन में कृष्ण पक्ष चतुर्दशी, उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र और ब्रह्म योग रहेगा।
| विवरण | समय / जानकारी |
| वार | शुक्रवार |
| तिथि | कृष्ण पक्ष चतुर्दशी |
| नक्षत्र | उत्तराफाल्गुनी |
| योग | ब्रह्म |
| करण | विष्टि |
| सूर्योदय | 6:09 AM |
| सूर्यास्त | 6:04 PM |
| राहुकाल | 10:37 AM – 12:06 PM |
| अभिजीत मुहूर्त | 11:43 AM – 12:30 PM |
| चंद्र राशि | कन्या |
बेंगलुरु के लिए स्थानीय गणना में राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त और अन्य समय शहर के अपने सूर्योदय के आधार पर निकाले जाते हैं।
👉 वीडियो देखें: नवरात्री लगने से पहले...ये 5 काम कर लो, धन की देवी धन की बरसात करा देंगी !
हैदराबाद में भी आज कृष्ण पक्ष चतुर्दशी रहेगी। सूर्योदय लगभग 6:07 बजे और सूर्यास्त लगभग 5:58 बजे होगा।
| विवरण | समय / जानकारी |
| वार | शुक्रवार |
| तिथि | कृष्ण पक्ष चतुर्दशी |
| नक्षत्र | उत्तराफाल्गुनी |
| योग | ब्रह्म |
| करण | विष्टि |
| सूर्योदय | 6:07 AM |
| सूर्यास्त | 5:58 PM |
| राहुकाल | 10:34 AM – 12:03 PM |
| अभिजीत मुहूर्त | 11:39 AM – 12:27 PM |
| चंद्र राशि | कन्या |
हैदराबाद के स्थानीय पंचांग में भी तिथि लगभग रात 9:36 बजे तक और उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र लगभग रात 9:19 बजे तक बताया गया है।
अहमदाबाद में सूर्योदय लगभग 6:34 बजे होगा। शहर की भौगोलिक स्थिति के कारण यहां दिन की शुरुआत और राहुकाल का समय अन्य शहरों से थोड़ा अलग रहेगा।
| विवरण | समय / जानकारी |
| वार | शुक्रवार |
| तिथि | कृष्ण पक्ष चतुर्दशी |
| नक्षत्र | उत्तराफाल्गुनी |
| योग | ब्रह्म |
| करण | विष्टि |
| सूर्योदय | 6:34 AM |
| सूर्यास्त | 6:19 PM |
| राहुकाल | 10:58 AM – 12:27 PM |
| अभिजीत मुहूर्त | लगभग 12:00 PM – 12:47 PM |
| चंद्र राशि | कन्या |
अहमदाबाद के लिए स्थानीय पंचांग गणना में चतुर्दशी और उत्तराफाल्गुनी की समाप्ति भी लगभग समान समय पर आती है, जबकि सूर्य से जुड़े दैनिक समय स्थानीय स्थिति के अनुसार बदलते हैं।
चेन्नई भारत के दक्षिणी हिस्से में स्थित होने के कारण यहां सूर्योदय और सूर्यास्त का समय उत्तर भारत के शहरों से अलग रहता है। 9 अक्टूबर को यहां सूर्योदय लगभग 5:59 बजे होगा।
| विवरण | समय / जानकारी |
| वार | शुक्रवार |
| तिथि | कृष्ण पक्ष चतुर्दशी |
| नक्षत्र | उत्तराफाल्गुनी |
| योग | ब्रह्म |
| करण | विष्टि |
| सूर्योदय | 5:59 AM |
| सूर्यास्त | 5:53 PM के आसपास |
| राहुकाल | 10:27 AM – 11:56 AM |
| अभिजीत मुहूर्त | 11:32 AM – 12:20 PM |
| चंद्र राशि | कन्या |
चेन्नई में स्थानीय सूर्योदय के आधार पर राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय दिल्ली या मुंबई से स्पष्ट रूप से अलग है।
कोलकाता में भारत के अन्य प्रमुख शहरों की तुलना में सूर्योदय काफी पहले होता है। 9 अक्टूबर को यहां सूर्योदय लगभग 5:30 बजे और सूर्यास्त लगभग 5:16 बजे होगा।
| विवरण | समय / जानकारी |
| वार | शुक्रवार |
| तिथि | कृष्ण पक्ष चतुर्दशी |
| नक्षत्र | उत्तराफाल्गुनी |
| योग | ब्रह्म |
| करण | विष्टि |
| सूर्योदय | 5:30 AM |
| सूर्यास्त | 5:16 PM |
| राहुकाल | 9:55 AM – 11:23 AM |
| अभिजीत मुहूर्त | 10:59 AM – 11:47 AM |
| चंद्र राशि | कन्या |
कोलकाता का उदाहरण यह समझने के लिए खास है कि एक ही तारीख पर भी शहर के अनुसार पंचांग के समय क्यों बदलते हैं। यहां राहुकाल दिल्ली की तुलना में काफी पहले आता है।
पुणे में 9 अक्टूबर को कृष्ण पक्ष चतुर्दशी रहेगी। यहां सूर्योदय लगभग 6:26 बजे और सूर्यास्त लगभग 6:16 बजे होगा।
| विवरण | समय / जानकारी |
| वार | शुक्रवार |
| तिथि | कृष्ण पक्ष चतुर्दशी |
| नक्षत्र | उत्तराफाल्गुनी |
| योग | ब्रह्म |
| करण | विष्टि |
| सूर्योदय | 6:26 AM |
| सूर्यास्त | 6:16 PM |
| राहुकाल | 10:52 AM – 12:21 PM |
| अभिजीत मुहूर्त | 11:58 AM – 12:45 PM |
| चंद्र राशि | कन्या |
पुणे में स्थानीय सूर्योदय के आधार पर राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय निर्धारित होता है।
जयपुर में 9 अक्टूबर को शुक्रवार के दिन कृष्ण पक्ष चतुर्दशी और उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र रहेगा। सूर्योदय लगभग 6:23 बजे होगा।
| विवरण | समय / जानकारी |
| वार | शुक्रवार |
| तिथि | कृष्ण पक्ष चतुर्दशी |
| नक्षत्र | उत्तराफाल्गुनी |
| योग | ब्रह्म |
| करण | विष्टि |
| सूर्योदय | 6:23 AM |
| सूर्यास्त | लगभग 6:04–6:05 PM |
| राहुकाल | 10:46 AM – 12:14 PM |
| अभिजीत मुहूर्त | 11:50 AM – 12:37 PM |
| चंद्र राशि | कन्या |
जयपुर के लिए स्थानीय पंचांग में राहुकाल लगभग 10:46 बजे से दोपहर 12:14 बजे तक बताया गया है।
मथुरा और वृंदावन एक-दूसरे के काफी नजदीक होने के कारण दैनिक पंचांग के समय सामान्यतः बहुत करीब रहेंगे। यहां नीचे दिए गए समय Mathura को आधार मानकर दिए गए हैं।
| विवरण | समय / जानकारी |
| वार | शुक्रवार |
| तिथि | कृष्ण पक्ष चतुर्दशी |
| नक्षत्र | उत्तराफाल्गुनी |
| योग | ब्रह्म |
| करण | विष्टि |
| सूर्योदय | 6:15 AM |
| सूर्यास्त | लगभग 5:56–5:57 PM |
| राहुकाल | 10:38 AM – 12:06 PM |
| अभिजीत मुहूर्त | 11:43 AM – 12:29 PM |
| चंद्र राशि | कन्या |
मथुरा के स्थानीय पंचांग के अनुसार 9 अक्टूबर को चतुर्दशी रात लगभग 9:36 बजे तक रहेगी। वृंदावन में कुछ समयों में एक-दो मिनट का अंतर संभव है, इसलिए किसी विशेष धार्मिक अनुष्ठान के लिए स्थानीय पंचांग को प्राथमिकता देना बेहतर है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राहुकाल को नए और महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने के लिए अनुकूल समय नहीं माना जाता। इसलिए यदि आप किसी शुभ कार्य की शुरुआत करने की योजना बना रहे हैं तो अपने शहर के राहुकाल को देखकर समय तय कर सकते हैं।
हालांकि राहुकाल को लेकर अलग-अलग परिवारों और परंपराओं में मान्यताएं अलग हो सकती हैं। इसलिए इसे लेकर अनावश्यक चिंता करने के बजाय अपने परिवार की परंपरा और स्थानीय विद्वान की सलाह को महत्व देना उचित है।
एक दैनिक panchang केवल तिथि बताने तक सीमित नहीं होता। इससे दिन की धार्मिक और समय संबंधी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलती हैं।
आज कौन सी तिथि है?
कौन सा पक्ष चल रहा है?
आज कौन सा नक्षत्र है?
कौन सा योग और करण है?
सूर्योदय और सूर्यास्त कब होगा?
राहुकाल कब रहेगा?
अभिजीत मुहूर्त कब है?
आज कोई व्रत या धार्मिक अवसर है या नहीं?
किसी शहर में पूजा या धार्मिक कार्य के लिए स्थानीय समय क्या है?
इसी वजह से आज का पंचांग रोजमर्रा के धार्मिक जीवन में उपयोगी माना जाता है।
यदि आप आज श्राद्ध, तर्पण, पूजा या किसी अन्य धार्मिक कर्म की योजना बना रहे हैं तो केवल सामान्य इंटरनेट जानकारी पर निर्भर न रहें। श्राद्ध जैसे कर्मों में तिथि के साथ अपराह्न काल और स्थानीय सूर्योदय भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
विशेष रूप से पितृ कर्म के लिए परिवार की परंपरा, स्थानीय पुरोहित और क्षेत्र में प्रचलित पंचांग को प्राथमिकता देना बेहतर है।
Ans. 9 अक्टूबर 2026 को कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि है, जो लगभग रात 9:36 बजे तक रहेगी। इसके बाद अमावस्या तिथि शुरू होगी।
Ans. 9 अक्टूबर 2026 को शुक्रवार है।
Ans. इस दिन उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र रहेगा। रात लगभग 9:19 बजे के बाद नक्षत्र परिवर्तन होगा।
Ans. पंचांग के पांच मुख्य अंगों की स्थिति सामान्यतः समान रहती है, लेकिन सूर्योदय, सूर्यास्त, राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त और अन्य स्थानीय समय शहर के अनुसार बदल सकते हैं।
Ans. मथुरा के अनुसार 9 अक्टूबर 2026 को राहुकाल लगभग 10:38 AM से 12:06 PM तक रहेगा।
Ans. कई पंचांग गणनाओं में 9 अक्टूबर को कृष्ण पक्ष चतुर्दशी श्राद्ध के रूप में दर्ज किया गया है। श्राद्ध के लिए अपने परिवार की परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार अपराह्न काल की पुष्टि करना उचित है।
Ans. अगर आपको केवल तिथि, वार और नक्षत्र देखना है तो सामान्य जानकारी पर्याप्त हो सकती है। लेकिन राहुकाल, सूर्योदय, सूर्यास्त और शुभ मुहूर्त जानने के लिए अपना शहर चुनना अधिक सही रहता है।
9 अक्टूबर 2026 का दिन कृष्ण पक्ष चतुर्दशी, उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र और ब्रह्म योग के साथ रहेगा। आज के पंचांग में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि धार्मिक तिथि भले ही पूरे भारत में समान हो, लेकिन समय से जुड़ी जानकारी शहर के अनुसार बदलती है।
इसलिए panchang today देखते समय अपने शहर के अनुसार सूर्योदय, सूर्यास्त, राहुकाल और शुभ मुहूर्त देखना अधिक उपयोगी है। खासकर Mathura-Vrindavan जैसे धार्मिक क्षेत्र में पूजा, दर्शन, श्राद्ध और अन्य धार्मिक कार्यों के लिए स्थानीय समय को ध्यान में रखना चाहिए।
नोट: पंचांग की गणना में अलग-अलग परंपराओं और गणना प्रणालियों के कारण कुछ समय में 1–2 मिनट या कभी-कभी उससे अधिक का अंतर मिल सकता है। महत्वपूर्ण धार्मिक संस्कारों के लिए स्थानीय पंचांग या विद्वान से पुष्टि करें।
इस वेबसाइट पर प्रकाशित पंचांग संबंधी जानकारी धार्मिक एवं सामान्य जानकारी के उद्देश्य से दी जाती है। इसमें दिए गए तिथि, मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय, नक्षत्र और अन्य समय अलग-अलग पंचांग पद्धतियों, स्थान और गणना प्रणालियों के अनुसार थोड़े अलग हो सकते हैं। किसी महत्वपूर्ण धार्मिक संस्कार, श्राद्ध, व्रत, पूजा या शुभ कार्य के लिए अपने परिवार की परंपरा और स्थानीय आचार्य/पुरोहित से पुष्टि करना उचित है। यह वेबसाइट किसी धार्मिक निर्णय या उसके परिणाम के लिए जिम्मेदार नहीं होगी।
👉 हमारे आने वाले कार्यक्रमों के बारे में जानें और कार्यक्रम में शामिल होकर पुण्य के भागी बनें। 🙏