Panchang Today 10 अक्टूबर 2026, शनिवार को हिंदू पंचांग के अनुसार कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि रहेगी। यह दिन पितृ पक्ष के समापन और सर्व पितृ अमावस्या के कारण धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। इस दिन हस्त नक्षत्र, इंद्र योग और चतुष्पद करण रहेगा। अमावस्या तिथि रात लगभग 9:20 बजे तक रहेगी, जिसके बाद शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा शुरू होगी। नक्षत्र और योग में भी रात के समय परिवर्तन होगा।
आज का पंचांग देखने वालों के लिए यह जानना जरूरी है कि सूर्योदय, सूर्यास्त, राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त हर शहर में अलग हो सकते हैं। इसलिए इस लेख में Delhi, Mumbai, Bengaluru, Hyderabad, Ahmedabad, Chennai, Kolkata, Pune, Jaipur और Mathura-Vrindavan के लिए अलग-अलग समय दिए गए हैं।
महत्वपूर्ण: इस ब्लॉग में दी गई धार्मिक जानकारी गौतीर्थ तुलसी तपोवन गौशाला के संस्थापक, पुराण मनीषी पूज्य श्री कौशिक जी महाराज जी के धार्मिक मार्गदर्शन की भावना के अनुरूप प्रस्तुत की गई है। अलग-अलग पंचांगों, क्षेत्रीय परंपराओं और स्थान के अनुसार समय में अंतर संभव है। किसी विशेष धार्मिक कर्म के लिए स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।
| पंचांग विवरण | जानकारी |
|---|---|
| दिन | शनिवार |
| तारीख | 10 अक्टूबर 2026 |
| तिथि | कृष्ण पक्ष अमावस्या |
| तिथि समाप्त | लगभग रात 9:20 बजे |
| अगली तिथि | शुक्ल पक्ष प्रतिपदा |
| नक्षत्र | हस्त |
| नक्षत्र समाप्त | लगभग रात 9:42 बजे |
| योग | इंद्र |
| योग समाप्त | लगभग रात 10:02 बजे |
| करण | चतुष्पद |
| चतुष्पद करण समाप्त | लगभग सुबह 9:24 बजे |
| अगला करण | नाग |
| चंद्र राशि | कन्या, इसके बाद तुला |
| सूर्य राशि | कन्या |
| मास | भाद्रपद / आश्विन, गणना पद्धति के अनुसार |
| प्रमुख धार्मिक अवसर | सर्व पितृ अमावस्या, शनि अमावस्या |
ये समय मथुरा और दिल्ली सहित उपलब्ध पंचांग गणनाओं के आधार पर लगभग दिए गए हैं। अमावस्या और हस्त नक्षत्र के समाप्त होने के समय में स्थानीय गणना के अनुसार कुछ मिनट का अंतर मिल सकता है।
10 अक्टूबर 2026 को अमावस्या तिथि है। पितृ पक्ष की अंतिम अमावस्या को सर्व पितृ अमावस्या कहा जाता है। धार्मिक परंपराओं में यह दिन पितरों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण, दान और प्रार्थना के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
जिन परिवारों को अपने पूर्वजों की श्राद्ध तिथि ज्ञात नहीं होती या किसी कारणवश निर्धारित तिथि पर श्राद्ध नहीं हो पाता, वे अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार इस दिन पितरों के निमित्त कर्म कर सकते हैं।
शनिवार को पड़ने के कारण इस दिन को शनि अमावस्या भी कहा जाता है। श्रद्धालु अपनी मान्यताओं के अनुसार शनिदेव की पूजा, दान और जरूरतमंदों की सेवा कर सकते हैं।
इस दिन ध्यान रखने योग्य बातें:
पितरों के निमित्त श्रद्धा से तर्पण और श्राद्ध करें।
जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र या अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान दें।
धार्मिक कर्मों में परिवार की परंपरा और स्थानीय पुरोहित के मार्गदर्शन को महत्व दें।
किसी भी पूजा या श्राद्ध के लिए केवल सामान्य कैलेंडर की तारीख के बजाय तिथि और उचित समय की पुष्टि करें।
श्राद्ध के लिए केवल अमावस्या तिथि जानना पर्याप्त नहीं होता। कई परंपराओं में अपराह्न काल और अन्य स्थानीय गणनाओं को भी ध्यान में रखा जाता है।
10 अक्टूबर को हस्त नक्षत्र रहेगा। उपलब्ध Panchang Today पंचांग गणना के अनुसार यह लगभग रात 9:42 बजे तक है। इसके बाद चित्रा नक्षत्र शुरू होगा।
हस्त नक्षत्र को पारंपरिक ज्योतिष में कौशल, कर्म और व्यावहारिक कार्यों से जोड़ा जाता है। हालांकि किसी शुभ कार्य के लिए केवल नक्षत्र देखना पर्याप्त नहीं होता। तिथि, वार, योग, करण और कार्य की प्रकृति को भी ध्यान में रखा जाता है।
10 अक्टूबर को इंद्र योग रहेगा, जो लगभग रात 10:02 बजे तक बताया गया है। इसके बाद वैधृति योग शुरू होगा।
दिन की शुरुआत में चतुष्पद करण रहेगा, जो लगभग सुबह 9:24 बजे तक है। इसके बाद नाग करण रहेगा और अमावस्या समाप्त होने के आसपास करण में अगला परिवर्तन होगा।
पंचांग में योग और करण का उपयोग धार्मिक कार्यों के समय निर्धारण में किया जाता है। किसी विशेष संस्कार या शुभ कार्य के लिए स्थानीय पंचांग में दिए गए मुहूर्त की पुष्टि करना उचित है।
एक ही तारीख पर भारत के अलग-अलग शहरों में सूर्योदय और सूर्यास्त का समय अलग होता है। इसी वजह से राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त, गुलिक काल और यमगंड जैसे समय भी शहर के अनुसार बदलते हैं।
नीचे दिए गए सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं। सूर्योदय, सूर्यास्त और मुहूर्त के समय लगभग हैं; विशेष धार्मिक कार्यों के लिए अपने शहर के स्थानीय Panchang से पुष्टि करें।
दिल्ली में 10 अक्टूबर को शनिवार के दिन कृष्ण पक्ष अमावस्या और हस्त नक्षत्र रहेगा। अमावस्या लगभग रात 9:20 बजे तक है। दिल्ली में सूर्योदय लगभग सुबह 6:18 बजे और सूर्यास्त लगभग शाम 5:57 बजे होगा।
| विवरण | समय / जानकारी |
|---|---|
| वार | शनिवार |
| तिथि | कृष्ण पक्ष अमावस्या |
| नक्षत्र | हस्त |
| योग | इंद्र |
| करण | चतुष्पद |
| सूर्योदय | 6:18 AM |
| सूर्यास्त | 5:57 PM |
| राहुकाल | 9:13 AM – 10:40 AM |
| अभिजीत मुहूर्त | लगभग 11:44 AM – 12:31 PM |
| चंद्र राशि | कन्या |
दिल्ली में पितृ तर्पण, श्राद्ध और अन्य धार्मिक कर्म करते समय अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार समय तय करें। राहुकाल को सामान्यतः नए शुभ कार्य की शुरुआत के लिए टालने की सलाह दी जाती है।
मुंबई में सूर्योदय दिल्ली की तुलना में कुछ देर से होगा। यहां भी अमावस्या, हस्त नक्षत्र और इंद्र योग रहेगा। शहर के स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त के कारण राहुकाल तथा अभिजीत मुहूर्त का समय दिल्ली से अलग है।
| विवरण | समय / जानकारी |
|---|---|
| वार | शनिवार |
| तिथि | कृष्ण पक्ष अमावस्या |
| नक्षत्र | हस्त |
| योग | इंद्र |
| करण | चतुष्पद |
| सूर्योदय | 6:31 AM |
| सूर्यास्त | 6:19 PM |
| राहुकाल | 9:28 AM – 10:57 AM |
| अभिजीत मुहूर्त | लगभग 12:01 PM – 12:49 PM |
| चंद्र राशि | कन्या |
मुंबई में अमावस्या के अवसर पर पूजा, दान या पितरों के निमित्त धार्मिक कर्म करने से पहले स्थानीय समय और अपनी परंपरा के अनुसार विधि की पुष्टि कर लें।
बेंगलुरु में 10 अक्टूबर को शनिवार रहेगा। दिन की शुरुआत अमावस्या तिथि, हस्त नक्षत्र और इंद्र योग के साथ होगी। सूर्योदय लगभग सुबह 6:09 बजे होगा।
| विवरण | समय / जानकारी |
|---|---|
| वार | शनिवार |
| तिथि | कृष्ण पक्ष अमावस्या |
| नक्षत्र | हस्त |
| योग | इंद्र |
| करण | चतुष्पद |
| सूर्योदय | 6:09 AM |
| सूर्यास्त | लगभग 6:03 PM |
| राहुकाल | 9:08 AM – 10:37 AM |
| अभिजीत मुहूर्त | लगभग 11:43 AM – 12:30 PM |
| चंद्र राशि | कन्या |
बेंगलुरु में भी धार्मिक कार्यों के लिए स्थानीय पंचांग देखना उपयोगी है। खासकर श्राद्ध और तर्पण के समय का निर्धारण केवल राहुकाल के आधार पर नहीं करना चाहिए।
हैदराबाद में 10 अक्टूबर को अमावस्या तिथि रहेगी। सूर्योदय लगभग सुबह 6:07 बजे और सूर्यास्त लगभग शाम 5:57 बजे होगा।
| विवरण | समय / जानकारी |
|---|---|
| वार | शनिवार |
| तिथि | कृष्ण पक्ष अमावस्या |
| नक्षत्र | हस्त |
| योग | इंद्र |
| करण | चतुष्पद |
| सूर्योदय | 6:07 AM |
| सूर्यास्त | लगभग 5:57 PM |
| राहुकाल | 9:05 AM – 10:34 AM |
| अभिजीत मुहूर्त | लगभग 11:39 AM – 12:26 PM |
| चंद्र राशि | कन्या |
हैदराबाद में अमावस्या तिथि रात लगभग 9:20 बजे तक रहने की गणना दी गई है। विशेष पूजा या श्राद्ध के लिए स्थानीय पंचांग में तिथि के साथ संबंधित कर्म का उचित समय देखना चाहिए।
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अहमदाबाद में सूर्योदय लगभग सुबह 6:34 बजे होगा। यहां भी शनिवार को अमावस्या, हस्त नक्षत्र और इंद्र योग रहेगा।
| विवरण | समय / जानकारी |
|---|---|
| वार | शनिवार |
| तिथि | कृष्ण पक्ष अमावस्या |
| नक्षत्र | हस्त |
| योग | इंद्र |
| करण | चतुष्पद |
| सूर्योदय | 6:34 AM |
| सूर्यास्त | लगभग 6:18 PM |
| राहुकाल | 9:30 AM – 10:58 AM |
| अभिजीत मुहूर्त | लगभग 12:03 PM – 12:50 PM |
| चंद्र राशि | कन्या |
अहमदाबाद में भी दिन के समय की गणना स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त पर निर्भर करती है। इसलिए किसी शुभ कार्य के लिए दूसरे शहर का मुहूर्त सीधे लागू करना उचित नहीं है।
चेन्नई में सूर्योदय उत्तर भारत के कई शहरों की तुलना में पहले होगा। 10 अक्टूबर को यहां भी अमावस्या तिथि और हस्त नक्षत्र रहेगा।
| विवरण | समय / जानकारी |
|---|---|
| वार | शनिवार |
| तिथि | कृष्ण पक्ष अमावस्या |
| नक्षत्र | हस्त |
| योग | इंद्र |
| करण | चतुष्पद |
| सूर्योदय | 5:58 AM |
| सूर्यास्त | लगभग 5:52 PM |
| राहुकाल | 8:57 AM – 10:26 AM |
| अभिजीत मुहूर्त | लगभग 11:31 AM – 12:19 PM |
| चंद्र राशि | कन्या |
चेन्नई में राहुकाल का समय दिल्ली और मुंबई की तुलना में पहले आएगा। धार्मिक कार्यों के लिए स्थानीय पंचांग में दिए गए समय को प्राथमिकता देना बेहतर है।
कोलकाता में भारत के कई अन्य प्रमुख शहरों की तुलना में सूर्योदय काफी पहले होता है। 10 अक्टूबर को यहां सूर्योदय लगभग सुबह 5:31 बजे और सूर्यास्त लगभग शाम 5:15 बजे होगा।
| विवरण | समय / जानकारी |
|---|---|
| वार | शनिवार |
| तिथि | कृष्ण पक्ष अमावस्या |
| नक्षत्र | हस्त |
| योग | इंद्र |
| करण | चतुष्पद |
| सूर्योदय | 5:31 AM |
| सूर्यास्त | लगभग 5:15 PM |
| राहुकाल | 8:27 AM – 9:55 AM |
| अभिजीत मुहूर्त | लगभग 10:59 AM – 11:47 AM |
| चंद्र राशि | कन्या |
कोलकाता में राहुकाल सुबह जल्दी रहेगा। इससे स्पष्ट होता है कि एक ही तारीख पर भी शहर के अनुसार दिन के मुहूर्त अलग-अलग हो सकते हैं।
पुणे में 10 अक्टूबर को शनिवार के दिन कृष्ण पक्ष अमावस्या रहेगी। यहां सूर्योदय लगभग सुबह 6:27 बजे और सूर्यास्त लगभग शाम 6:15 बजे होगा।
| विवरण | समय / जानकारी |
|---|---|
| वार | शनिवार |
| तिथि | कृष्ण पक्ष अमावस्या |
| नक्षत्र | हस्त |
| योग | इंद्र |
| करण | चतुष्पद |
| सूर्योदय | 6:27 AM |
| सूर्यास्त | लगभग 6:15 PM |
| राहुकाल | 9:24 AM – 10:53 AM |
| अभिजीत मुहूर्त | लगभग 11:57 AM – 12:45 PM |
| चंद्र राशि | कन्या |
पुणे में भी अमावस्या के धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए पूजा, दान और पितरों के निमित्त कर्म अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार किए जा सकते हैं।
जयपुर में 10 अक्टूबर को शनिवार रहेगा। इस दिन कृष्ण पक्ष अमावस्या, हस्त नक्षत्र और इंद्र योग रहेगा। सूर्योदय लगभग सुबह 6:23 बजे होगा।
| विवरण | समय / जानकारी |
|---|---|
| वार | शनिवार |
| तिथि | कृष्ण पक्ष अमावस्या |
| नक्षत्र | हस्त |
| योग | इंद्र |
| करण | चतुष्पद |
| सूर्योदय | 6:23 AM |
| सूर्यास्त | लगभग 6:03 PM |
| राहुकाल | लगभग 9:19 AM – 10:47 AM |
| अभिजीत मुहूर्त | लगभग 11:49 AM – 12:36 PM |
| चंद्र राशि | कन्या |
जयपुर में अमावस्या और शनि अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालु अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा और दान कर सकते हैं। किसी विशेष अनुष्ठान के लिए स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि करें।
ब्रज क्षेत्र में अमावस्या, पितृ पक्ष, मंदिर दर्शन और धार्मिक परंपराओं से जुड़ी जानकारी जानने के लिए श्रद्धालु इस पंचांग का उपयोग कर सकते हैं।
मथुरा में 10 अक्टूबर को अमावस्या तिथि लगभग रात 9:20 बजे तक रहेगी। हस्त नक्षत्र लगभग रात 9:42 बजे तक और इंद्र योग लगभग रात 10:02 बजे तक रहेगा।
| विवरण | समय / जानकारी |
|---|---|
| वार | शनिवार |
| तिथि | कृष्ण पक्ष अमावस्या |
| नक्षत्र | हस्त |
| योग | इंद्र |
| करण | चतुष्पद |
| सूर्योदय | 6:16 AM |
| सूर्यास्त | 5:55 PM |
| राहुकाल | लगभग 9:11 AM – 10:38 AM |
| अभिजीत मुहूर्त | लगभग 11:42 AM – 12:29 PM |
| चंद्र राशि | कन्या |
मथुरा और वृंदावन में स्थानीय समय में एक-दो मिनट का अंतर संभव है। यदि आप पितृ तर्पण, श्राद्ध या किसी अन्य धार्मिक अनुष्ठान की योजना बना रहे हैं, तो स्थानीय Panchang और पुरोहित के मार्गदर्शन के अनुसार उचित समय तय करें।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राहुकाल में नए और महत्वपूर्ण शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है। इसलिए यदि आप कोई नया काम शुरू करना चाहते हैं, तो अपने शहर के राहुकाल को देखकर समय निर्धारित कर सकते हैं।
हालांकि राहुकाल की मान्यताओं और उसके उपयोग को लेकर अलग-अलग परंपराएं हो सकती हैं। इसे लेकर अनावश्यक चिंता करने के बजाय अपनी पारिवारिक परंपरा और स्थानीय विद्वान की सलाह को महत्व देना उचित है।
ध्यान रखें कि श्राद्ध, तर्पण और अन्य पितृ कर्मों का समय केवल राहुकाल देखकर तय नहीं किया जाता। इन कर्मों के लिए तिथि, अपराह्न काल और संबंधित धार्मिक परंपरा अधिक महत्वपूर्ण हो सकती है।
दैनिक पंचांग Panchang Today केवल तारीख और वार बताने तक सीमित नहीं होता। इससे दिन की धार्मिक और समय संबंधी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलती हैं।
आज कौन सी तिथि है?
कौन सा पक्ष चल रहा है?
आज कौन सा नक्षत्र है?
योग और करण कब बदलेंगे?
सूर्योदय और सूर्यास्त कब होगा?
राहुकाल कब रहेगा?
अभिजीत मुहूर्त किस समय है?
आज कौन सा व्रत या धार्मिक अवसर है?
अपने शहर में पूजा और धार्मिक कार्यों के लिए कौन सा समय उपयुक्त है?
इसी वजह से Panchang Today देखने से लोगों को अपनी धार्मिक दिनचर्या और पूजा-पाठ की योजना बनाने में सहायता मिलती है।
10 अक्टूबर को सर्व पितृ अमावस्या होने के कारण श्राद्ध और तर्पण की जानकारी पढ़ने वाले लोगों को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।
श्राद्ध और तर्पण की विधि अपने परिवार की परंपरा के अनुसार अपनाएं।
पितृ कर्म के लिए स्थानीय पंचांग में दिए गए अपराह्न काल और अन्य आवश्यक समय की पुष्टि करें।
यदि किसी पूर्वज की श्राद्ध तिथि ज्ञात नहीं है, तो स्थानीय पुरोहित से उचित विधि की जानकारी लें।
दान और सेवा अपनी सामर्थ्य के अनुसार करें।
किसी धार्मिक कर्म के समय को लेकर भ्रम होने पर अनुमान लगाने के बजाय विश्वसनीय स्थानीय मार्गदर्शन लें।
धार्मिक परंपराओं में इस दिन को श्रद्धा, स्मरण और सेवा भाव के साथ बिताने पर जोर दिया जाता है।
Ans.10 अक्टूबर 2026 को कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि रहेगी। उपलब्ध Panchang Today गणना के अनुसार अमावस्या लगभग रात 9:20 बजे तक है। इसके बाद शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा शुरू होगी।
Ans. 10 अक्टूबर 2026 को शनिवार है। इस दिन पड़ने वाली अमावस्या को शनि अमावस्या भी कहा जाता है।
Ans. इस दिन हस्त नक्षत्र रहेगा। उपलब्ध गणना के अनुसार हस्त नक्षत्र लगभग रात 9:42 बजे तक है, जिसके बाद चित्रा नक्षत्र शुरू होगा।
Ans. हाँ, 10 अक्टूबर 2026 को सर्व पितृ अमावस्या मनाई जाएगी। धार्मिक परंपराओं में इस दिन उन पितरों के निमित्त श्राद्ध और तर्पण किया जाता है जिनकी श्राद्ध तिथि ज्ञात नहीं है या जिनका श्राद्ध किसी कारण से छूट गया हो।
Ans. मथुरा के उपलब्ध स्थानीय पंचांग के अनुसार राहुकाल लगभग सुबह 9:11 बजे से 10:38 बजे तक रहेगा। वृंदावन में स्थानीय गणना के कारण समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।
Ans. हाँ, शनिवार को पड़ने के कारण इस दिन को शनि अमावस्या कहा जाता है। श्रद्धालु अपनी मान्यताओं के अनुसार शनिदेव की पूजा, दान और सेवा कर सकते हैं।
Ans. तिथि, नक्षत्र, योग और करण की मूल खगोलीय गणना समान होती है, लेकिन सूर्योदय के समय के कारण किसी स्थान के सूर्योदय पर लागू पंचांग विवरण में अंतर हो सकता है। राहुकाल, सूर्योदय, सूर्यास्त और अभिजीत मुहूर्त जैसे स्थानीय समय शहर के अनुसार बदलते हैं।
Ans. कई परिवार अपनी परंपरा के अनुसार घर पर श्राद्ध और तर्पण करते हैं। विधि और समय के लिए परिवार की परंपरा तथा स्थानीय पुरोहित का मार्गदर्शन लेना उचित है।
Ans. हाँ, इस दिन अलग-अलग शहरों में लगभग मध्याह्न के आसपास अभिजीत मुहूर्त रहेगा। उदाहरण के लिए मथुरा में यह लगभग सुबह 11:42 बजे से दोपहर 12:29 बजे तक है। किसी विशेष कार्य के लिए स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि करें।
10 अक्टूबर 2026 का दिन कृष्ण पक्ष अमावस्या, हस्त नक्षत्र और इंद्र योग के साथ रहेगा। यह दिन सर्व पितृ अमावस्या और शनिवार को पड़ने के कारण शनि अमावस्या के रूप में भी धार्मिक महत्व रखता है।
इस दिन पितरों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण, दान और प्रार्थना करने की परंपरा है। किसी विशेष धार्मिक कर्म के लिए तिथि के साथ उचित समय और स्थानीय परंपरा को ध्यान में रखना चाहिए।
इसलिए Panchang Today देखते समय अपने शहर के अनुसार सूर्योदय, सूर्यास्त, राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त की जानकारी देखना उपयोगी है। खासकर Mathura-Vrindavan जैसे धार्मिक क्षेत्र में पूजा, दर्शन और पितृ कर्मों की योजना बनाते समय स्थानीय पंचांग को प्राथमिकता दें।
नोट: पंचांग की गणना में अलग-अलग परंपराओं और गणना प्रणालियों के कारण समय में कुछ मिनट का अंतर मिल सकता है। महत्वपूर्ण धार्मिक संस्कारों के लिए स्थानीय पंचांग या विद्वान से पुष्टि करें।
इस वेबसाइट पर प्रकाशित Panchang संबंधी जानकारी धार्मिक एवं सामान्य जानकारी के उद्देश्य से दी जाती है। इसमें दिए गए तिथि, मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय, नक्षत्र और अन्य समय अलग-अलग पंचांग पद्धतियों, स्थान और गणना प्रणालियों के अनुसार थोड़े अलग हो सकते हैं। किसी महत्वपूर्ण धार्मिक संस्कार, श्राद्ध, व्रत, पूजा या शुभ कार्य के लिए अपने परिवार की परंपरा और स्थानीय आचार्य/पुरोहित से पुष्टि करना उचित है। यह वेबसाइट किसी धार्मिक निर्णय या उसके परिणाम के लिए जिम्मेदार नहीं होगी।
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