Krishna Aashray

Krishna Aashray Is working to give shelter to the elders who are rejected by their family or society

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Ram Aashray

Ram Aashray is working to make arrangements for the stay of the devotee.

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Vriksharopan (Green India)

We are working to protect India and the entire world from climate change by planting trees.

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Kanya Vidhyalaya

Free arrangement has been made for girls to study and stay in this girl school 

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Jeev Jantu Sewa

Tulsivan Ashram is not only contributing their services to humans but also to animals.

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Gau Seva

Providing food, shelter, medical care, and protection to cows while promoting compassion and preserving the cultural and spiritual values associated with cow welfare.

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About
acharya shri kaushik ji maharaj

Acharya Shri Kaushik Ji Maharaj

आचार्य श्री कौशिक जी महाराज का दिव्य स्वरूप इस धरती पर 26 मार्च 1974 को आगरा जिले के तसोड़ गांव में एक सनाढ्य ब्राह्मण परिवार में अवतरित हुआ। बाल्यकाल से ही उनके व्यक्तित्व में आध्यात्मिक एवं धार्मिक प्रवृत्तियां स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगी थीं। सामान्य बालकों से अलग उनका मन सांसारिक विषयों की अपेक्षा धर्म, अध्यात्म, संस्कार और संतों की वाणी में अधिक रमता था।

बचपन से ही वे साधु-संतों के सान्निध्य में बैठते और उनके मुख से निकलने वाले आध्यात्मिक ज्ञान एवं धार्मिक उपदेशों को बड़े ध्यान से सुनते थे। विभिन्न सत्संगों, प्रवचनों और धार्मिक आयोजनों में सम्मिलित होने के लिए उनके भीतर विशेष उत्सुकता रहती थी। संतों की संगति और उनकी शिक्षाओं का उनके बाल मन पर गहरा प्रभाव पड़ा, जिसने आगे चलकर उनके आध्यात्मिक जीवन की दिशा निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

जब वे प्राथमिक विद्यालय में अध्ययन कर रहे थे, उस समय भी उनका झुकाव आध्यात्मिक विषयों की ओर बना रहा। अध्ययन के साथ-साथ वे धार्मिक कथाओं, संतों के प्रवचनों और सनातन संस्कृति से जुड़े ज्ञान को जानने और समझने में रुचि लेते थे। बचपन में ही उनके भीतर सेवा, संस्कार, करुणा और धर्म के प्रति गहरी आस्था विकसित होने लगी थी।

साधु-संतों का सान्निध्य उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनता गया। उनके मन में यह भावना निरंतर प्रबल होती गई कि मानव जीवन केवल अपने लिए जीने के लिए नहीं, बल्कि समाज, धर्म, संस्कृति और मानवता की सेवा के लिए भी है। यही आध्यात्मिक विचार आगे चलकर उनके जीवन के उद्देश्य और सेवा कार्यों की आधारशिला बने।

समय के साथ उन्होंने सनातन धर्म की महान परंपराओं, भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। उनका जीवन धर्म, सेवा, संस्कार, गौसेवा और मानव कल्याण के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है।

Mission

हमारा उद्देश्य

हमारी संस्कृति और सनातन धर्म के उत्थान के लिए कम से कम 1 लाख गौमाता की रक्षा एवं सेवा करने का हमारा संकल्प है।

हमारा उद्देश्य अधिक से अधिक मानव सेवा करना है। हम जीव सेवा में विश्वास रखते हैं। चाहे वह मनुष्य हो या पशु, हम सभी की सेवा को अपना कर्तव्य मानते हैं। हिंदू धर्म में सेवा को सर्वोच्च धर्म एवं धार्मिक कर्तव्यों में से एक माना गया है।

हमारे मिशन का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य गौमाता की रक्षा एवं सेवा करना भी है। भारतीय संस्कृति में गाय को विश्व की माता माना गया है। गौमाता अपने दूध एवं अन्य उपयोगी उत्पादों के माध्यम से मानव समाज को अनेक प्रकार से लाभ प्रदान करती हैं और बदले में केवल घास एवं अन्न की अपेक्षा रखती हैं।

गौ रक्षा अर्थात राष्ट्र और विश्व की रक्षा। भारतीय धार्मिक परंपरा में गौमाता को अत्यंत पवित्र एवं पूजनीय माना गया है। गौमाता से जुड़ी अनेक धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं हमारे सनातन जीवन का अभिन्न हिस्सा रही हैं। उनका दूध मानव जीवन के पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जबकि यज्ञ एवं धार्मिक अनुष्ठानों में घी का विशेष महत्व माना गया है।

वैदिक एवं धार्मिक ग्रंथों में गौ संरक्षण, गौ सेवा और गौ पालन के महत्व का वर्णन मिलता है। भारतीय संस्कृति में गौमाता के प्रति करुणा, सम्मान और संरक्षण की भावना को सदैव महत्वपूर्ण माना गया है। गौ हत्या को धार्मिक एवं नैतिक दृष्टि से गंभीर पाप माना गया है।

इसी भावना और संकल्प के साथ हमारा लक्ष्य है कि कम से कम 1 लाख गौमाता की रक्षा, सेवा और संरक्षण किया जाए तथा गौसेवा के माध्यम से हमारी संस्कृति, सनातन परंपराओं और मानवीय मूल्यों को आगे बढ़ाया जाए।

Vision

सनातन संस्कृति और हमारे जीवन के उद्देश्य

हिंदू धर्म में जीवन के चार प्रमुख पुरुषार्थ माने गए हैं—धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष। ये चारों मनुष्य को एक संतुलित, नैतिक और सार्थक जीवन जीने की दिशा प्रदान करते हैं।

भारत पूरे विश्व में अपनी समृद्ध संस्कृति, गौरवशाली विरासत और आध्यात्मिक परंपराओं के लिए जाना जाता है। भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं ने सदियों से मानव जीवन को सत्य, धर्म, सेवा, करुणा और सदाचार का मार्ग दिखाया है। यह पवित्र भूमि ऋषि-मुनियों, संतों और आध्यात्मिक महापुरुषों की तपोभूमि रही है। भारत की धरती पर जन्म लेना हमारे लिए गौरव और सौभाग्य की बात है।

सनातन धर्म भारत की प्राचीन संस्कृति और जीवन-पद्धति का अभिन्न हिस्सा रहा है। हमारी संस्कृति ने सदैव सभी के कल्याण, प्रेम, सह-अस्तित्व और मानवता का संदेश दिया है। हालांकि आधुनिक समय में बदलती जीवनशैली और बाहरी सांस्कृतिक प्रभावों के कारण हमारी कई पारंपरिक मान्यताएं, संस्कार और परंपराएं धीरे-धीरे कमजोर हो रही हैं।

हमारा सपना एक ऐसे राष्ट्र के निर्माण में योगदान देना है, जहां सनातन संस्कृति, भारतीय परंपराएं और मानवीय मूल्यों का संरक्षण एवं संवर्धन हो तथा सभी समुदाय आपसी सम्मान और सद्भाव के साथ साथ रह सकें।

सनातन धर्म में धर्म का अर्थ केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सत्य, सदाचार, कर्तव्य, नैतिकता और अच्छे आचरण पर आधारित जीवन जीने की प्रेरणा देता है।

हिंदू जीवन-दर्शन में चार पुरुषार्थ—धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष बताए गए हैं। धर्म मनुष्य को सदाचार और कर्तव्य का मार्ग दिखाता है, अर्थ जीवन की आवश्यकताओं को उचित तरीके से पूरा करने की प्रेरणा देता है, काम इच्छाओं और जीवन के सुखों को संतुलित रूप से स्वीकार करने का मार्ग बताता है तथा मोक्ष जीवन के अंतिम आध्यात्मिक लक्ष्य की ओर ले जाता है।

इन जीवन मूल्यों के माध्यम से मनुष्य नैतिक, जिम्मेदार और सार्थक जीवन जीने की प्रेरणा प्राप्त करता है। हमारा प्रयास है कि सनातन धर्म की इन महान शिक्षाओं, संस्कारों और मूल्यों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाए तथा आने वाली पीढ़ियों को अपनी संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं से जोड़ा जाए।

Be the reason of someone smiles

We exist for non-profits, social enterprises, community groups, activists,lorem politicians and individual citizens that are making.

#School

तुलसी गुरुकुल विद्यापीठ, वृंदावन

आचार्य कौशिक महाराज जी के सानिध्य एवं संचालन में वृंदावन धाम में संचालित तुलसी गुरुकुल विद्यापीठ भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं, वेदों एवं शास्त्रों की शिक्षा को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने का एक पवित्र प्रयास है। गुरुकुल का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें संस्कारवान, अनुशासित, आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करना है।

  • Goal: 100000.00
0 %

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#Gaushala

तुलसी तपोवन गौशाला, मंडला, मध्य प्रदेश

आचार्य कौशिक महाराज जी के सानिध्य एवं संचालन में मध्य प्रदेश के मंडला में संचालित तुलसी तपोवन गौशाला गौमाता की सेवा, संरक्षण और संवर्धन के लिए समर्पित एक पवित्र सेवा संस्थान है। गौशाला का उद्देश्य निराश्रित, बेसहारा और भटकती हुई गौवंश को सुरक्षित आश्रय प्रदान करना तथा उनके लिए भोजन, पानी और उचित देखभाल की व्यवस्था करना है।

  • Goal: 100000.00
657 %

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#Aashram

तुलसीवन आश्रम, वृंदावन

आचार्य कौशिक महाराज जी के सानिध्य एवं संचालन में तुलसीवन आश्रम श्रद्धालुओं की सेवा, सत्कार और उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखने के लिए समर्पित एक पवित्र सेवा केंद्र है। वृंदावन धाम में आने वाले भक्तों और श्रद्धालुओं के लिए आश्रम में उनके ठहरने, भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की यथासंभव उचित व्यवस्था की जाती है।

  • Goal: 100000.00
151 %

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#Math

तुलसी तपोवन मठ

श्रद्धालुओं एवं वृद्धजनों के लिए सेवा और आश्रय का पवित्र संकल्प आचार्य कौशिक महाराज जी के सानिध्य एवं संचालन में तुलसीवन आश्रम के अंतर्गत तुलसी तपोवन मठ सेवा, करुणा और मानवता के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा एक महत्वपूर्ण सेवा केंद्र है। इस मठ में श्रद्धालुओं के लिए राम आश्रय तथा निराश्रित एवं वृद्धजनों के लिए कृष्ण आश्रय का निर्माण प्रस्तावित है।

  • Goal: 100000.00
27 %

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#Hospital

कामधेनु अन्तर्राष्ट्रीय कैंसर संस्थान

कैंसर के उपचार, आशा और नई जिंदगी की दिशा में एक संकल्प परम पूज्य पुराण मनीषी आचार्य प्रवर श्री कौशिक जी महाराज के सानिध्य एवं मार्गदर्शन में कामधेनु अन्तर्राष्ट्रीय कैंसर संस्थान का निर्माण एक ऐसे सेवा-संकल्प के रूप में किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य कैंसर से जूझ रहे लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं और आशा का सहारा प्रदान करना है।

  • Goal: 90000000.00
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#goshala

तुलसी तपोवन गौशाला

गौ माता की सेवा के लिए समर्पित तुलसी तपोवन गौशाला गौ माता की सेवा, संरक्षण और संवर्धन के लिए सदैव समर्पित है। आचार्य कौशिक महाराज जी के मार्गदर्शन एवं प्रबंधन में संचालित यह गौशाला गौसेवा के पावन संकल्प को निरंतर आगे बढ़ा रही है।

  • Goal: 100000.00
2151 %

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#haritbharat

गौ अक्षय व्रती सेवा

हरित भारत और प्रकृति संरक्षण का संकल्प तुलसीवन आश्रम, आचार्य कौशिक महाराज जी के मार्गदर्शन एवं प्रबंधन में, पर्यावरण संरक्षण और हरित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। वृक्षारोपण के माध्यम से जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने तथा प्रकृति और प्राकृतिक आवासों के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं।

  • Goal: 100000.00
1378 %

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#GauSewa

गौ चारा सेवा

गौवंश के लिए चारे की व्यवस्था गौ चारा सेवा गौ माता की सेवा और संरक्षण के लिए समर्पित एक पावन सेवा कार्य है। आचार्य कौशिक महाराज जी के मार्गदर्शन एवं प्रबंधन में तुलसीवन आश्रम द्वारा गौवंश के लिए चारे की उचित व्यवस्था करने और उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। गौ माता को पर्याप्त एवं पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना गौसेवा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

  • Goal: 100000.00
1663 %

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#JalSewa

जल सेवा

जल ही जीवन है जल सेवा मानव जीवन, जीव-जंतुओं और प्रकृति के संरक्षण से जुड़ी एक महत्वपूर्ण सेवा है। जल के बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। भारतीय संस्कृति में जल को सदैव पवित्र और जीवनदायिनी शक्ति के रूप में सम्मान दिया गया है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए तुलसीवन आश्रम, आचार्य कौशिक जी महाराज के मार्गदर्शन एवं प्रबंधन में, जल संरक्षण, जल की उपलब्धता और जरूरतमंदों तक स्वच्छ पेयजल पहुँचाने की दिशा में सेवा कार्यों को प्रोत्साहित कर रहा है।

  • Goal: 100000.00
249 %

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#GauSavamaniSewa

गौ सवामणी सेवा

गौ माता की सेवा का पावन संकल्प गौ सवामणी सेवा गौ माता की सेवा, संरक्षण और संवर्धन के लिए समर्पित एक पावन सेवा कार्य है। भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में गौ माता को विशेष सम्मान और श्रद्धा का स्थान प्राप्त है। गौसेवा को करुणा, सेवा, संरक्षण और धर्म से जोड़कर देखा जाता है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए तुलसीवन आश्रम, आचार्य कौशिक महाराज जी के मार्गदर्शन एवं प्रबंधन में, गौवंश की सेवा और उनके संरक्षण के लिए निरंतर प्रयासरत है।

  • Goal: 100000.00
323 %

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#GauDaanSewa

गौ दान सेवा

गौ दान सेवा का पावन संकल्प गौ दान सेवा सनातन परंपरा में सेवा, करुणा और संरक्षण की भावना से जुड़ा एक महत्वपूर्ण सेवा कार्य है। गौ माता के प्रति श्रद्धा और सम्मान भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहा है। इसी पावन भावना को आगे बढ़ाते हुए तुलसीवन आश्रम, आचार्य कौशिक जी महाराज के मार्गदर्शन एवं प्रबंधन में, गौवंश के संरक्षण और सेवा के लिए निरंतर प्रयासरत है।

  • Goal: 100000.00
736 %

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#GauSadanNirmanSewa

गौ सदन निर्माण सेवा

गौ सदन निर्माण सेवा भारतीय सनातन संस्कृति में सेवा, करुणा और जीव संरक्षण की भावना से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पहल है। गौवंश को भारतीय संस्कृति में सदैव पूजनीय और सम्माननीय स्थान प्राप्त रहा है। आज अनेक गौवंश बेसहारा होकर सड़कों पर भटकने के लिए मजबूर हैं। ऐसे गौवंश को सुरक्षित आश्रय, भोजन, चिकित्सा और सम्मानजनक जीवन प्रदान करना एक महान सेवा कार्य है। इसी उद्देश्य से गौ सदन निर्माण सेवा के माध्यम से ऐसे स्थानों के निर्माण और विकास का प्रयास किया जाता है, जहाँ गौवंश को सुरक्षित वातावरण, पर्याप्त चारा, स्वच्छ पानी और आवश्यक देखभाल मिल सके।

  • Goal: 100000.00
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#GauBhoomiDaanSewa

गौ भूमि दान सेवा

गौ भूमि दान सेवा गौवंश के संरक्षण, संवर्धन और सुरक्षित भविष्य की दिशा में किया जाने वाला एक महत्वपूर्ण सेवा कार्य है। भारतीय सनातन परंपरा में गौवंश को सदैव विशेष सम्मान और पूजनीय स्थान प्राप्त रहा है। गाय को केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन, कृषि और प्राकृतिक संतुलन के लिए भी महत्वपूर्ण माना गया है। वर्तमान समय में बढ़ते शहरीकरण, घटते खुले स्थान और संसाधनों की कमी के कारण बेसहारा गौवंश के लिए सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराना एक बड़ी आवश्यकता बन गई है। इसी उद्देश्य से गौ भूमि दान सेवा के माध्यम से गौवंश के लिए सुरक्षित भूमि उपलब्ध कराने और गौसेवा के कार्यों को मजबूत करने का प्रयास किया जाता है।

  • Goal: 100000.00
456 %

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#AnnakshetraBhandaraSewa

अन्नक्षेत्र भंडारा सेवा

अन्नक्षेत्र भंडारा सेवा भारतीय सनातन परंपरा में सेवा, करुणा और परोपकार का एक पवित्र स्वरूप है। भारतीय संस्कृति में अन्न को केवल भोजन नहीं, बल्कि जीवन का आधार और ईश्वर का प्रसाद माना गया है। जरूरतमंद, साधु-संत, श्रद्धालु और यात्रियों को प्रेमपूर्वक भोजन कराना मानव सेवा का महत्वपूर्ण कार्य माना जाता है। इसी सेवा भावना को आगे बढ़ाते हुए अन्नक्षेत्र भंडारा सेवा के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक भोजन पहुँचाने और उन्हें सम्मानपूर्वक भोजन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है।

  • Goal: 100000.00
496 %

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#DwadashiBhandaraSewa

द्वादशी भंडारा सेवा

द्वादशी भंडारा सेवा सनातन धर्म की सेवा, श्रद्धा और परोपकार की भावना से जुड़ी एक पवित्र सेवा है। हिंदू धर्म में द्वादशी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। एकादशी व्रत के अगले दिन आने वाली द्वादशी तिथि पर भगवान विष्णु की आराधना, व्रत का पारण, दान-पुण्य और सेवा कार्य करने की परंपरा रही है। इसी पावन अवसर पर जरूरतमंदों, साधु-संतों, श्रद्धालुओं और अन्य सेवाभावी लोगों के लिए भंडारे का आयोजन करना पुण्य एवं सेवा भावना का सुंदर माध्यम माना जाता है

  • Goal: 100000.00
490 %

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#VarshikBhandaraSewa

वार्षिक भंडारा सेवा

वार्षिक भंडारा सेवा सेवा, श्रद्धा, परोपकार और मानव कल्याण की भावना से जुड़ा एक पवित्र प्रयास है। भारतीय सनातन परंपरा में अन्नदान को विशेष महत्व दिया गया है। किसी जरूरतमंद, साधु-संत, श्रद्धालु या भूखे व्यक्ति को प्रेमपूर्वक भोजन कराना मानव सेवा का श्रेष्ठ माध्यम माना जाता है। इसी सेवा भावना को आगे बढ़ाते हुए वार्षिक भंडारा सेवा के माध्यम से वर्ष में विशेष अवसरों पर श्रद्धालुओं एवं जरूरतमंद लोगों के लिए भंडारे का आयोजन किया जाता है। इसका उद्देश्य केवल भोजन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि समाज में सेवा, करुणा, सहयोग और परोपकार की भावना को मजबूत करना भी है।

  • Goal: 100000.00
128 %

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#CancerHospitalSewa

कैंसर अस्पताल सेवा

कैंसर अस्पताल सेवा मानवता, करुणा और जरूरतमंद लोगों की सहायता की भावना से जुड़ी एक महत्वपूर्ण सेवा पहल है। कैंसर एक गंभीर बीमारी है, जिसके उपचार के लिए लंबे समय तक चिकित्सा, विशेषज्ञ डॉक्टर, आधुनिक सुविधाओं और निरंतर देखभाल की आवश्यकता हो सकती है। कई परिवारों के लिए कैंसर का इलाज आर्थिक और भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे समय में जरूरतमंद मरीजों और उनके परिवारों को सहयोग एवं सहायता उपलब्ध कराना मानव सेवा का महत्वपूर्ण कार्य है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए कैंसर अस्पताल सेवा के माध्यम से कैंसर से प्रभावित मरीजों और जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुँचाने का प्रयास किया जाता है। इस सेवा का उद्देश्य केवल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि मरीजों और उनके परिवारों को कठिन समय में सहयोग, संवेदना और आशा प्रदान करना भी है।

  • Goal: 100000.00
309 %

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#DhanvantariChikitsaSewa

धन्वंतरि चिकित्सा सेवा

धन्वंतरि चिकित्सा सेवा मानव सेवा, स्वास्थ्य जागरूकता और जरूरतमंद लोगों की सहायता की भावना से जुड़ी एक महत्वपूर्ण सेवा पहल है। भारतीय सनातन परंपरा में भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद और चिकित्सा का देवता माना जाता है। दीपावली से पूर्व मनाई जाने वाली धनतेरस को भी भगवान धन्वंतरि की आराधना से जोड़ा जाता है। चिकित्सा सेवा का मूल उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सहायता, उचित मार्गदर्शन और चिकित्सा सुविधाओं तक पहुँच बनाने में सहयोग प्रदान करना है। आज स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता समाज के प्रत्येक वर्ग को है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बीमारी के समय उपचार, जांच और दवाइयों का खर्च एक बड़ी चुनौती बन सकता है। ऐसे लोगों की सहायता करना मानवता और करुणा का महत्वपूर्ण उदाहरण है। धन्वंतरि चिकित्सा सेवा के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक आवश्यक स्वास्थ्य सहायता पहुँचाने और उन्हें स्वस्थ जीवन की दिशा में सहयोग देने का प्रयास किया जाता है।

  • Goal: 100000.00
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#VidyaPaathanSewa

विद्या पाठन सेवा

विद्या पाठन सेवा समाज में शिक्षा, ज्ञान और संस्कारों के प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण सेवा है। शिक्षा केवल व्यक्ति को पढ़ना-लिखना नहीं सिखाती, बल्कि उसे जीवन में सही निर्णय लेने, अपने कर्तव्यों को समझने और समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देती है। विद्या के माध्यम से व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास, विवेक, संस्कार और सकारात्मक सोच का विकास होता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए विद्या पाठन सेवा के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों और विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जाता है।

  • Goal: 100000.00
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#YagyaAnushthanSewa

यज्ञ अनुष्ठान सेवा

यज्ञ अनुष्ठान सेवा भारतीय सनातन परंपरा, आध्यात्मिक साधना और लोककल्याण की भावना से जुड़ी एक महत्वपूर्ण सेवा है। भारतीय संस्कृति में यज्ञ को केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, सकारात्मक ऊर्जा, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और समाज के कल्याण का माध्यम माना गया है। यज्ञ के माध्यम से व्यक्ति अपने भीतर श्रद्धा, अनुशासन, सेवा और सद्भाव की भावना को विकसित करने का प्रयास करता है।

  • Goal: 100000.00
26 %

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#HaritBharat

हरित भारत अभियान | वृक्षारोपण – महापुण्य सेवा

हरित भारत भविष्य की हरियाली, आज का वृक्षारोपण पूज्य पुराण मनीषी आचार्य कौशिक जी महाराज के सानिध्य में एक पौधा लगाएं, एक जीवन बचाएं! वृक्ष लगाना है धर्म हमारा, हरित बनाना देश हमारा!

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#pitraanusthanseva

पितृ अनुष्ठान में दान: पूर्वजों के आशीर्वाद और सेवा का पावन संकल्प

इस पितृ पक्ष श्री गया जी की पावन धरती पर पुराण मनीषी परम पूज्य श्री कौशिक जी महाराज के पावन सान्निध्य में भव्य पितृ अनुष्ठान का आयोजन होने जा रहा है। अपने पूर्वजों की आत्मिक शांति एवं स्मरण के लिए तर्पण, पोथी पाठ, गीता पाठ, ब्राह्मण भोजन और भंडारा सेवा में श्रद्धानुसार सहयोग करें। 🙏 आइए, पितरों के नाम सेवा और दान का पावन संकल्प लें। ॥ पितृ देवो भवः ॥

  • Goal: 1000000.00
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31AUG

श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव

  • श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव

🌸 श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव 2026 🌸

भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के पावन अवसर पर पुराण मनीषी परम पूज्य श्री कौशिक जी महाराज के सानिध्य में श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव एवं पूजा-पाठ का आयोजन किया जा रहा है।

📅 दिनांक: 31 अगस्त से 5 सितम्बर 2026
📍 कथा स्थान: तुलसीवन आश्रम परिक्रमा मार्ग, नजदीक श्याम कुटी, वृंदावन

आइए, इस पावन अवसर पर श्री कृष्ण की भक्ति, कथा एवं पूजा-पाठ में सम्मिलित होकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करें। 🙏

📞 संपर्क: 7055313399, 7055413399

राधे राधे 🙏 जय श्री कृष्ण 💙

Event

25SEP

प्रथम श्रीमद् भागवत कथा

  • प्रथम श्रीमद् भागवत कथा

गौतीर्थ तुलसी तपोवन गौशाला के संस्थापकाध्यक्ष पुराण मनीषी पूज्य श्री कौशिक जी महाराज के पावन सानिध्य में पुराण मनीषी पूज्य श्री कौशिक जी महाराज के मुखारविंद से 25 सितम्बर से 2 अक्टूबर 2026 तक कालचक्र मैदान, बोधगया, जिला गया, बिहार में श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस पावन कथा के माध्यम से भक्तों को श्रीमद् भागवत के दिव्य ज्ञान, भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और सनातन धर्म के आध्यात्मिक संदेशों को सुनने एवं आत्मसात करने का अवसर प्राप्त होगा। प्रथम एवं द्वितीय कथा में श्रीमद् भागवत पोथी मूल पाठ, गीतापाठ, तर्पण एवं गया श्राद्ध, ब्राह्मण भोजन एवं भंडारा जैसे पुण्य कार्य भी आयोजित किए जाएंगे। आप सभी श्रद्धालुजन सपरिवार इस दिव्य आयोजन में सम्मिलित होकर कथा श्रवण एवं पुण्य लाभ प्राप्त करें।

सम्पर्क करें: 7055313399, 7055413399, 7533811399, 9458075299

Event

26SEP

देश का सबसे भव्य एवं विशाल पितृ अनुष्ठान!

  • देश का सबसे भव्य एवं विशाल पितृ अनुष्ठान!

प्रथम कार्यक्रम — 26 सितम्बर से 2 अक्टूबर 2026

पितृ पक्ष के पावन अवसर पर परम पूज्य श्री कौशिक जी महाराज के पावन सान्निध्य में श्री गया जी की पवित्र धरती पर देश के सबसे भव्य एवं विशाल पितृ अनुष्ठान का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रथम कार्यक्रम का आयोजन 26 सितम्बर से 2 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा। श्रद्धालुओं को कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए प्रातः 8 बजे तक पहुंचना होगा।

इस पावन पितृ अनुष्ठान में श्रद्धालु अपनी श्रद्धा एवं आवश्यकता के अनुसार विभिन्न सेवाओं में सहभागी बन सकते हैं। इनमें पोथी पाठ (तर्पण सहित) ₹15,500, 16 दिन गीता पाठ ₹7,500, 8 दिन गीता पाठ ₹5,100, 1 दिन तर्पण ₹1,100, 12 ब्राह्मण भोजन (सम्पूर्ण श्राद्ध) ₹11,000 तथा 1 दिन का सम्पूर्ण भंडारा एवं यजमान सेवा ₹51,000 शामिल हैं।

पितृ अनुष्ठान के माध्यम से श्रद्धालु अपने पितरों के प्रति श्रद्धा, सम्मान एवं कृतज्ञता अर्पित कर सकते हैं। आयोजन स्थल कालचक्र मैदान, श्री बोधगया (बिहार) है।

इस विशेष धार्मिक आयोजन में सम्मिलित होने एवं अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें: 9258041399 | 9258031399

Event

2OCT

देश का सबसे भव्य एवं विशाल पितृ अनुष्ठान!

  • देश का सबसे भव्य एवं विशाल पितृ अनुष्ठान!

द्वितीय कार्यक्रम — 2 अक्टूबर से 10 अक्टूबर 2026

परम पूज्य श्री कौशिक जी महाराज के पावन सान्निध्य में श्री गया जी की पवित्र धरती पर पितृ पक्ष के अवसर पर द्वितीय विशेष पितृ अनुष्ठान कार्यक्रम का आयोजन 2 अक्टूबर से 10 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा। यह आयोजन श्रद्धालुओं को पितृ अनुष्ठान, तर्पण, गीता पाठ, ब्राह्मण भोजन एवं अन्य धार्मिक सेवाओं में सहभागी बनने का पावन अवसर प्रदान करेगा।

इस कार्यक्रम में भी श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार पोथी पाठ (तर्पण सहित), 16 दिन गीता पाठ, 8 दिन गीता पाठ, 1 दिन तर्पण, 12 ब्राह्मण भोजन (सम्पूर्ण श्राद्ध) तथा सम्पूर्ण भंडारा एवं यजमान सेवा जैसी विभिन्न पितृ अनुष्ठान सेवाओं में सहभागी हो सकते हैं।

द्वितीय कार्यक्रम में श्रद्धालुओं के लिए डबल बेड रूम की आवास व्यवस्था उपलब्ध रहेगी। द्वितीय आवास कार्यक्रम 2 अक्टूबर से 11 अक्टूबर 2026 तक रहेगा। नॉन-एसी रूम का शुल्क ₹12,500 तथा एसी रूम का शुल्क ₹20,000 निर्धारित है। सम्पूर्ण श्राद्ध पक्ष हेतु नॉन-एसी रूम ₹21,000 तथा एसी रूम ₹35,500 में उपलब्ध हैं।

सभी कमरे डबल बेड के होंगे। नॉन-एसी रूम में 2 से 3 व्यक्ति रह सकते हैं और तीसरे व्यक्ति के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं होगा। एसी रूम में तीसरे व्यक्ति के रहने पर ₹5,000 अतिरिक्त शुल्क देय होगा। सीमित आवास उपलब्ध होने के कारण अग्रिम बुकिंग आवश्यक है

 अधिक जानकारी एवं बुकिंग के लिए संपर्क करें: 9258041399 | 9258031399

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3OCT

द्वितीय श्रीमद् भागवत कथा

  • द्वितीय श्रीमद् भागवत कथा

द्वितीय श्रीमद् भागवत कथा का पावन आयोजन 3 से 10 अक्टूबर 2026 तक कालचक्र मैदान, बोधगया, जिला–गया, बिहार में किया जा रहा है। इस दिव्य कथा का आयोजन गौतीर्थ तुलसी तपोवन गौशाला के संस्थापकाध्यक्ष पुराण मनीषी पूज्य श्री कौशिक जी महाराज के पावन सानिध्य में होगा। कथा के साथ श्रीमद् भागवत पोथी मूल पाठ, गीता पाठ, तर्पण, गया ब्राह्मण भोजन एवं भंडारा जैसी धार्मिक और सेवा गतिविधियाँ भी आयोजित की जाएँगी। श्रद्धालुओं के लिए यह आयोजन श्रीमद् भागवत के आध्यात्मिक ज्ञान, भक्ति और भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं से जुड़ने का विशेष अवसर है।

प्रथम एवं द्वितीय कथा में श्रीमद् भागवत पोथी मूल पाठ, गीता पाठ, तर्पण, गया ब्राह्मण भोजन एवं भंडारा हेतु इच्छुक श्रद्धालु संपर्क कर सकते हैं। अधिक जानकारी एवं सहभागिता के लिए 7055313399, 7055413399, 7533811399 एवं 9458075299 पर संपर्क करें। यह आयोजन तुलसी तपोवन के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, सेवा और आध्यात्मिक चेतना से जोड़ने का एक पावन प्रयास है।

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