तुलसीवन आश्रम, आचार्य कौशिक महाराज जी के मार्गदर्शन एवं प्रबंधन में, पर्यावरण संरक्षण और हरित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। वृक्षारोपण के माध्यम से जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने तथा प्रकृति और प्राकृतिक आवासों के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं।
वृक्ष हमारे जीवन का आधार हैं। वे वायु को शुद्ध करने, जलवायु को संतुलित रखने, जैव विविधता के संरक्षण और प्राकृतिक वातावरण को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी उद्देश्य से गौ अक्षय व्रती सेवा के अंतर्गत अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया गया है।
आचार्य कौशिक महाराज जी ने श्रद्धालुओं, सेवाभावियों और स्वयंसेवकों से पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया है। उनके आह्वान से प्रेरित होकर उनके शिष्य एवं सेवाभावी देश के विभिन्न राज्यों में वृक्षारोपण और पुनर्वनीकरण के कार्यों में सक्रिय रूप से सहभागिता कर रहे हैं।
इस अभियान का उद्देश्य केवल वृक्ष लगाना ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक आवासों का संरक्षण एवं संवर्धन करना भी है। अधिक से अधिक हरियाली विकसित करके आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, स्वस्थ और संतुलित पर्यावरण तैयार करना इस सेवा का महत्वपूर्ण लक्ष्य है।
पर्यावरण संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। एक वृक्ष लगाना आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन, स्वच्छ वायु और बेहतर पर्यावरण का उपहार है। आइए, आचार्य कौशिक महाराज जी के इस पावन संकल्प से जुड़ें और वृक्षारोपण एवं प्रकृति संरक्षण के माध्यम से हरित और समृद्ध भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।