आचार्य कौशिक महाराज जी के सानिध्य एवं संचालन में तुलसीवन आश्रम श्रद्धालुओं की सेवा, सत्कार और उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखने के लिए समर्पित एक पवित्र सेवा केंद्र है। वृंदावन धाम में आने वाले भक्तों और श्रद्धालुओं के लिए आश्रम में उनके ठहरने, भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की यथासंभव उचित व्यवस्था की जाती है।
तुलसीवन आश्रम में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क ठहरने की व्यवस्था उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है। हमारा उद्देश्य है कि देश-विदेश से वृंदावन धाम आने वाले भक्त बिना किसी चिंता के भगवान की भक्ति और साधना में अपना समय व्यतीत कर सकें।
आश्रम में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के लिए भोजन एवं प्रसाद की व्यवस्था की जाती है। हमारा संकल्प है कि आश्रम में आने वाला कोई भी श्रद्धालु भूखा न लौटे। जरूरतमंद भक्तों को प्रेम और श्रद्धा के साथ भोजन उपलब्ध कराना तुलसीवन आश्रम की प्रमुख सेवा भावना है।
आचार्य कौशिक महाराज जी के मार्गदर्शन में तुलसीवन आश्रम का प्रयास है कि सेवा, सत्कार और मानवता की इस परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाया जाए। आश्रम में श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें आध्यात्मिक वातावरण प्रदान करने का भी प्रयास किया जाता है।
प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं के भोजन, आवास और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए निरंतर सहयोग की आवश्यकता होती है। आपका सहयोग इस सेवा कार्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
तुलसीवन आश्रम का संकल्प है—वृंदावन आने वाला कोई भी श्रद्धालु भूखा या निराश होकर न लौटे। आइए, आचार्य कौशिक महाराज जी के इस पवित्र सेवा संकल्प से जुड़ें और अपने सहयोग से श्रद्धालुओं की सेवा में सहभागी बनें।