आचार्य कौशिक महाराज जी के सानिध्य एवं संचालन में तुलसीवन आश्रम के अंतर्गत तुलसी तपोवन मठ सेवा, करुणा और मानवता के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा एक महत्वपूर्ण सेवा केंद्र है। इस मठ में श्रद्धालुओं के लिए राम आश्रय तथा निराश्रित एवं वृद्धजनों के लिए कृष्ण आश्रय का निर्माण प्रस्तावित है।
तुलसी तपोवन मठ में आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने और उनकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए राम आश्रय का निर्माण किया जाएगा। हमारा उद्देश्य है कि धार्मिक एवं आध्यात्मिक यात्रा पर आने वाले भक्तों को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण में रहने की व्यवस्था मिल सके।
कृष्ण आश्रय उन वृद्धजनों को समर्पित होगा, जिन्हें उनके परिवारों द्वारा अकेला या असहाय छोड़ दिया गया है। हमारा संकल्प है कि ऐसे बुजुर्गों को सम्मान, अपनापन और सुरक्षित जीवन प्रदान किया जाए, ताकि वे अपने जीवन के अंतिम पड़ाव को सम्मान एवं शांति के साथ व्यतीत कर सकें।
तुलसी तपोवन मठ में आश्रय प्राप्त करने वाले वृद्धजनों के लिए रहने, भोजन, स्वच्छ पेयजल एवं स्वास्थ्य देखभाल जैसी आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था करने का प्रयास किया जाएगा। हमारा उद्देश्य केवल आश्रय देना नहीं, बल्कि उन्हें परिवार जैसा स्नेह, सम्मान और सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है।
आचार्य कौशिक महाराज जी के मार्गदर्शन में तुलसी तपोवन मठ के माध्यम से सेवा, संस्कार और मानवता के इस संकल्प को साकार करने का प्रयास किया जा रहा है। यह पहल उन लोगों के लिए आशा और सहारे का माध्यम बनने का प्रयास है, जिन्हें जीवन में अपनेपन और संरक्षण की आवश्यकता है।
राम आश्रय और कृष्ण आश्रय का निर्माण तथा इन सेवा व्यवस्थाओं का संचालन एक सतत और बड़े स्तर का कार्य है। इसे सफल बनाने के लिए आपके सहयोग की आवश्यकता है। आपका सहयोग किसी श्रद्धालु को आश्रय और किसी निराश्रित वृद्ध को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का सहारा दे सकता है।
आचार्य कौशिक महाराज जी के इस पवित्र प्रयास में सहभागी बनें और तुलसी तपोवन मठ के राम आश्रय एवं कृष्ण आश्रय के निर्माण में अपना योगदान दें। मिलकर हम ऐसा सेवा केंद्र विकसित कर सकते हैं, जहां श्रद्धालुओं को आश्रय और बेसहारा वृद्धजनों को परिवार जैसा सम्मान एवं संरक्षण मिल सके।