माँ भगवती की कृपा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना से जुड़ने का एक पावन अवसर आने वाला है। 17 अक्टूबर 2026 को हापुड़ में ‘माँ की कृपा का पावन आमंत्रण’ के अंतर्गत श्री देवी महात्म्य का विशेष धार्मिक आयोजन किया जाएगा। इस पावन अवसर पर पुराण मनीषी पूज्य श्री कौशिक जी महाराज का दिव्य सान्निध्य प्राप्त होगा। कार्यक्रम का उद्देश्य श्रद्धालुओं को माँ भगवती की महिमा से परिचित कराना और उन्हें भक्ति, श्रद्धा तथा आध्यात्मिक जीवन के महत्व से जोड़ना है।
माँ दुर्गा को शक्ति, करुणा, साहस और धर्म की प्रतीक माना जाता है। नवरात्रि सहित विभिन्न धार्मिक अवसरों पर भक्त माँ भगवती की आराधना करके सुख, शांति और सद्बुद्धि की कामना करते हैं। श्री देवी महात्म्य का श्रवण भी देवी उपासना की एक महत्वपूर्ण परंपरा है, जिसमें माँ की महिमा, उनके दिव्य स्वरूप और अधर्म पर धर्म की विजय का वर्णन मिलता है।
हापुड़ और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं के लिए इस धार्मिक आयोजन में शामिल होने का अवसर रहेगा। कार्यक्रम से संबंधित प्रमुख जानकारी नीचे दी गई है।
कार्यक्रम का नाम: माँ की कृपा का पावन आमंत्रण – श्री देवी महात्म्य
दिनांक: 17 अक्टूबर 2026, शनिवार
समय: दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक
स्थान: मंगल भवन, मेरठ रोड, हापुड़, उत्तर प्रदेश
विशेष सान्निध्य: पुराण मनीषी पूज्य श्री कौशिक जी महाराज
आयोजक एवं आमंत्रक: श्री राजेंद्र सिंघल जी एवं श्रीमती रजनी सिंघल जी (श्री बालाजी टावर हाउस)
धार्मिक आयोजन में सम्मिलित होने के इच्छुक श्रद्धालु कार्यक्रम से संबंधित जानकारी के लिए पोस्टर पर दिए गए संपर्क नंबरों 9837250100, 9258031399 और 9219512704 पर संपर्क कर सकते हैं।
भारतीय सनातन परंपरा में माँ भगवती की उपासना का विशेष महत्व है। देवी को शक्ति का वह स्वरूप माना जाता है, जो भक्तों को साहस, धैर्य और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की प्रेरणा देता है। माँ की आराधना केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मन में सकारात्मक विचार, करुणा और आत्मविश्वास विकसित करने का भी माध्यम बन सकती है।
हापुड़ में आयोजित होने वाला श्री देवी महात्म्य का यह कार्यक्रम श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण में समय बिताने और देवी महिमा के श्रवण का अवसर प्रदान करेगा। ऐसे आयोजनों में परिवार के सदस्यों के साथ भाग लेना धार्मिक परंपराओं को समझने और अगली पीढ़ी तक पहुँचाने का एक अच्छा माध्यम भी है।
श्री देवी महात्म्य को देवी उपासना की एक महत्वपूर्ण धार्मिक रचना माना जाता है। यह मार्कण्डेय पुराण का प्रसिद्ध भाग है और इसे दुर्गा सप्तशती या चंडी पाठ के नाम से भी जाना जाता है। इसमें माँ दुर्गा की महिमा, विभिन्न दिव्य स्वरूपों और असुर शक्तियों पर देवी की विजय का वर्णन मिलता है।
देवी महात्म्य की कथाएँ भक्तों को यह संदेश देती हैं कि जीवन में सत्य, धर्म, साहस और सदाचार का महत्व सदैव बना रहता है। माँ दुर्गा के महिषासुर मर्दिनी स्वरूप सहित विभिन्न रूपों का वर्णन शक्ति और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष की प्रेरणा देता है।
श्री देवी महात्म्य का श्रद्धापूर्वक श्रवण और पाठ अनेक भक्तों के लिए आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस आयोजन के माध्यम से श्रद्धालु देवी उपासना की परंपरा से जुड़ सकेंगे और आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने का अवसर पाएँगे।
इस धार्मिक कार्यक्रम में पुराण मनीषी पूज्य श्री कौशिक जी महाराज का दिव्य सान्निध्य विशेष आकर्षण रहेगा। महाराज जी धार्मिक कथाओं और सनातन संस्कृति से जुड़े विषयों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक जीवन के महत्व से जोड़ते हैं।
श्री देवी महात्म्य जैसे धार्मिक विषयों का श्रवण भक्तों को देवी की महिमा, धर्म के मूल्यों और जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा दे सकता है। श्रद्धालुओं के लिए यह अवसर आध्यात्मिक वातावरण में बैठकर धार्मिक परंपराओं को समझने और भक्ति भाव को प्रगाढ़ करने का माध्यम बनेगा।
माँ भगवती के प्रति श्रद्धा रखते हुए भक्त इस कार्यक्रम में सम्मिलित होकर धार्मिक वातावरण का अनुभव कर सकते हैं।
सनातन धर्म में माँ दुर्गा को आदिशक्ति के रूप में पूजनीय माना जाता है। देवी के विभिन्न स्वरूप जीवन के अलग-अलग गुणों और आदर्शों का प्रतिनिधित्व करते हैं। माँ दुर्गा का स्वरूप साहस और शक्ति का प्रतीक है, माँ लक्ष्मी समृद्धि से जुड़ी हैं और माँ सरस्वती ज्ञान तथा विद्या की अधिष्ठात्री मानी जाती हैं।
देवी उपासना के माध्यम से भक्त अपने जीवन में श्रद्धा, संयम, सेवा और सदाचार जैसे गुणों को अपनाने का संकल्प लेते हैं। धार्मिक आयोजन व्यक्ति को दैनिक जीवन की व्यस्तता से कुछ समय निकालकर आत्मचिंतन और आध्यात्मिकता से जुड़ने का अवसर भी देते हैं।
श्री देवी महात्म्य का संदेश यह भी स्मरण कराता है कि अहंकार, अन्याय और नकारात्मक प्रवृत्तियों के स्थान पर सत्य, धर्म और सद्भाव को महत्व देना चाहिए।
यदि आप हापुड़ में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में शामिल होने की योजना बना रहे हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रख सकते हैं।
कार्यक्रम की तारीख 17 अक्टूबर 2026 और समय दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक निर्धारित है।
आयोजन स्थल मंगल भवन, मेरठ रोड, हापुड़ है।
कार्यक्रम स्थल तक पहुँचने के लिए अपने यात्रा समय की पहले से योजना बना लें।
धार्मिक कार्यक्रम में श्रद्धा और अनुशासन बनाए रखें।
यदि कार्यक्रम से संबंधित किसी विशेष व्यवस्था या प्रवेश संबंधी जानकारी की आवश्यकता हो, तो दिए गए संपर्क नंबरों पर आयोजकों से पुष्टि कर लें।
परिवार के सदस्यों और परिचितों को भी कार्यक्रम की जानकारी साझा कर सकते हैं।
माँ भगवती की महिमा से जुड़ा यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए भक्ति और आध्यात्मिक चिंतन का अवसर है। आयोजक श्री राजेंद्र सिंघल जी एवं श्रीमती रजनी सिंघल जी की ओर से सभी भक्तों को सादर आमंत्रित किया गया है कि वे इस पावन कार्यक्रम में सम्मिलित होकर श्री देवी महात्म्य का श्रवण करें।
ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक जुड़ाव और पारिवारिक सहभागिता को बढ़ावा देने में सहायक होते हैं। बच्चों और युवाओं को भी सनातन परंपराओं से परिचित कराने का यह एक अच्छा अवसर हो सकता है।
माँ की कृपा का पावन आमंत्रण केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ने का निमंत्रण है। 17 अक्टूबर 2026 को मंगल भवन, मेरठ रोड, हापुड़ में आयोजित होने वाले श्री देवी महात्म्य कार्यक्रम में पुराण मनीषी पूज्य श्री कौशिक जी महाराज का सान्निध्य प्राप्त होगा।
सभी श्रद्धालु इस अवसर पर उपस्थित होकर माँ भगवती की महिमा का श्रवण करें और अपने जीवन में धर्म, सद्भाव, सेवा तथा सकारात्मकता के मूल्यों को अपनाने का संकल्प लें।
कार्यक्रम की जानकारी एक बार फिर:
तारीख: 17 अक्टूबर 2026, शनिवार
समय: दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक
स्थान: मंगल भवन, मेरठ रोड, हापुड़
संपर्क: 9837250100 | 9258031399 | 9219512704
माँ भगवती की कृपा सभी पर बनी रहे। जय माता दी!